उतरा है

उतरा है मेरे दिल में कोई चाँद नगर से,
अब खौफ ना कोई अंधेरों के सफ़र से,
वो बात है तुझ में, कोई तुझ सा नहीं,
काश कोई देखे तुझे मेरी नज़र से..

Comments

Popular Posts